न्यायालय की बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कोर्ट ने व्यक्त की कड़ी नाराजगी

--- लोक अदालत की सफलता को लेकर लंबित मामलों के शीघ्र व अधिकाधिक निष्पादन पर जोर 
--- न्यायालय की बैठक में अधिकारी के बदले पहुंच रहे प्रतिनिधि नहीं दे रहे समुचित जानकारी 
बगहा : आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर मंगलवार को व्यवहार न्यायालय सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मनीष द्विवेदी, एसीजेएम द्वितीय आशीष पांडेय व एसडीजेएम आलोक कुमार चतुर्वेदी की उपस्थिति में हुई बैठक में लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन व परिणाम प्राप्त करने में आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई।
बैठक में यातायात, श्रम, माप-तौल, चिकित्सा, होमगार्ड, खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति, खनन, नगर परिषद, बैंक व अंचल सहित विभिन्न विभागों के मामलों की समीक्षा की गई। माप-तौल विभाग के अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए उनके प्रतिनिधि को फटकार लगाई। उपस्थित कर्मी से पूछा गया कि समय-समय पर माप-तौल यंत्रों का सत्यापन क्यों नहीं कराया जा रहा है। बैठक के निर्धारित एजेंडे पर भी समुचित चर्चा नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। बिना किसी विवरण व अधूरी जानकारी को लेकर अनुमंडल कार्यालय के कर्मी के बैठक में शामिल होने को लेकर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही सभी बैठक से अनुपस्थित रहने को लेकर एसडीएम के प्रति भी न्यायालय ने नाराजगी व्यक्त की। क्योंकि उनके स्थान पर कार्यालय के बड़ाबाबू बिना डिटेल के ही बैठक में शामिल हो गए और मांगे गए मामलों का व्योरा उपलब्ध कराने में कार्यालय की तैयारी कमजोर पाई गई।
यातायात से संबंधित मामलों की समीक्षा के दौरान एमवीआई को अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सर्टिफिकेट केस के मामलों में बैंक व अंचल कार्यालय को आपसी समन्वय बनाकर कार्रवाई करने की सलाह दी गई। पिपरासी बीडीओ के अनुपस्थित रहने पर ग्राम कचहरी से जुड़े मामलों के समाधान को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। जिला खनन पदाधिकारी के नहीं आने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। उनकी जगह खनन इंस्पेक्टर उपस्थित हुए। खनन विभाग में करीब 300 मामले लंबित होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। सीएस सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर भी सवाल उठे। बगहा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से लाइट, नाला व सड़क से संबंधित मामलों पर जवाब मांगा गया। अधिकारियों को लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करने व लंबित मामलों में संबंधित पक्षों से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

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