बांका :-जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में घोर लापरवाही और विभागीय निर्देशों की अवहेलना का मामला सामने आया है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के बाद पीएम पोषण योजना के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद फारुख रहमान ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग पत्रों के माध्यम से कुल चार विद्यालयों के प्रभारियों व प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा है। पहले मामले में रजौन प्रखंड स्थित प्रोन्नत मध्य विद्यालय, करसानी में 5 और 6 अगस्त को पानी के अभाव के कारण मध्याह्न भोजन का संचालन पूरी तरह बाधित पाया गया। बच्चों के पोषण से जुड़ी इस महत्वाकांक्षी योजना को ठप रखने पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मोहम्मद फारुख रहमान ने इसे भारी लापरवाही करार दिया है। विद्यालय प्रभारी को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कर भोजन संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, साथ ही पत्र मिलने के 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। वहीं दूसरे मामले में ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रतिदिन दोपहर 4 बजे तक मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट दर्ज न करने को लेकर तीन अन्य विद्यालयों के प्रधानों से जवाब-तलब किया गया है। इनमें रजौन प्रखंड के मध्य विद्यालय कठचातर-लीलातरी व प्राथमिक विद्यालय सोहानी के अलावे धोरैया प्रखंड का नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चन्द्रपुरा शामिल हैं। इन तीनों विद्यालयों द्वारा 6 अगस्त 2026 को योजना से संबंधित आंकड़े समय पर पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए थे। विभागीय समीक्षा में इसे अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता माना गया है। प्रशासन ने तीनों विद्यालयों के प्रभारियों को दो दिनों के अंदर कार्यालय में अपना संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि निश्चित समयावधि में संतोषजनक उत्तर न मिलने की स्थिति में संबंधित प्रभारियों पर एकतरफा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट:- केआर राव