बेतिया, 9 अगस्त 2026। साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले रविवार को बेतिया में विरोध मार्च निकाला गया। मार्च शहीद पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने, बिहार में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं एवं लैंड पुलिंग नीति वापस लेने तथा यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि किसानों को गुलाम बनाने वाली नीतियों के खिलाफ देशभर में आवाज उठ रही है। बिहार में 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति के जरिए कृषि भूमि को कॉरपोरेट हितों के लिए अधिग्रहित किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि किसान ऐसी नीतियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के जरिए देश के कृषि बाजार को अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खोलने की तैयारी है। उन्होंने दावा किया कि समझौता लागू होने पर छोटे और मध्यम किसानों के सामने गंभीर संकट पैदा होगा। सस्ते आयातित कृषि एवं दुग्ध उत्पादों के कारण भारतीय किसानों की मुश्किलें बढ़ने और देश की खाद्य सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका उन्होंने जताई।
जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि कृषि संकट का समाधान करने के बजाय सरकार विकास के नाम पर कृषि भूमि को गैर-कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
किसान महासभा के राज्य पार्षद बिनोद यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति के माध्यम से बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को कॉरपोरेट हितों के लिए लेने की योजना बनाई जा रही है। जिला नेता संजय यादव ने भी कृषि भूमि के बड़े पैमाने पर अधिग्रहण की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया।
जिला नेता सुजायत अंसारी ने कहा कि बिहार में कृषि भूमि पर आबादी का भारी दबाव है। ऐसे में हाईवे और औद्योगिक कॉरिडोर सहित विभिन्न परियोजनाओं के नाम पर कृषि भूमि का लगातार इस्तेमाल किए जाने से भविष्य में खाद्यान्न संकट के साथ पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा हो सकता है।
किसान नेता अब्दुल खैर ने किसानों से अपने भविष्य की रक्षा के लिए सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
कार्यक्रम में किसान नेता एवं पूर्व मुखिया रामबाबू महतो, मुखिया संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार, एक्टू जिला अध्यक्ष जवाहर प्रसाद, इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा, हरे राम यादव, मंगल यादव, कलाम अंसारी, इस्लाम अंसारी, संजय राम, अच्छे लाल राम, सिताराम राम, हारुन गद्दी, बिनोद कुशवाहा, जोखू चौधरी, अशोक कुशवाहा, भरत शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, शौकत अली, मुन्ना अंसारी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।