चनपटिया, 9 अगस्त 2026। राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की चनपटिया अंचल कमिटी ने रविवार को कुमारबाग से विशाल पदयात्रा निकाली। पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव सह राज्य कार्यसमिति सदस्य ओम प्रकाश क्रांति ने किया। पदयात्रा कुमारबाग से शुरू होकर महना, कैथवलिया, चनपटिया बाजार, पकड़ीहार, पीपरा, तुलाराम घाट, बकुलहर, टेंगरहिया चौक, घोघा चौक, लोहियरिया चौक और तिरहुतिया चौक समेत दर्जनों गांवों व इलाकों से होकर गुजरी।
पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और बढ़ते अपराध के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, चारों लेबर कोड वापस लेने, दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर रोक लगाने तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग उठाई गई।
कार्यकर्ताओं ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, गरीबों को उजाड़ने की कार्रवाई बंद करने, सेटेलाइट सिटी के नाम पर किसानों की जमीन लेकर उसे रियल एस्टेट के हवाले करने की नीति वापस लेने और ग्रामीण क्षेत्रों के घरों पर लगाए गए टैक्स को समाप्त करने की भी मांग की। इसके अलावा नफरत की राजनीति पर रोक लगाने तथा छात्रों और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की गारंटी देने की मांग प्रमुख रही।
पदयात्रा को संबोधित करते हुए ओम प्रकाश क्रांति ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार जिस विकास का दावा कर रही है, उसका लाभ आम जनता के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों का सबसे अधिक असर किसान, मजदूर, छात्र, नौजवान और गरीब तबके पर पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार पर अमेरिका के दबाव में फैसले लेने का आरोप लगाते हुए डिजिटल भुगतान और यूपीआई से जुड़े करों के मुद्दे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक ओर बड़े कॉरपोरेट घरानों को राहत दी जा रही है, जबकि किसान कर्ज के बोझ से परेशान हैं। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के कारण छात्रों और युवाओं का भविष्य भी संकट में है।
भाकपा नेता ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सड़कों-पुलों के टूटने जैसे मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था की जवाबदेही तय करने के बजाय जनता की आवाज को दबाने के लिए विभिन्न मुद्दों का सहारा लिया जा रहा है।
स्थानीय समस्याओं पर भी सरकार को घेरा
ओम प्रकाश क्रांति ने चनपटिया क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कुमारबाग स्टील प्रोसेसिंग प्लांट वर्षों से बंद पड़ा है और उसे अन्यत्र ले जाने की कोशिश की जा रही है। वहीं चनपटिया की चीनी मिल भी लंबे समय से बंद है, जबकि यह क्षेत्र प्रमुख गन्ना उत्पादक इलाकों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि चीनी मिल बंद रहने के कारण स्थानीय किसानों को अपना गन्ना नरकटियागंज, रामनगर और मझौलिया की चीनी मिलों तक ले जाना पड़ता है। उन्होंने सवाल उठाया कि गन्ना उत्पादक क्षेत्र होने के बावजूद चनपटिया की बंद चीनी मिल को अब तक चालू क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने चनपटिया नगर पंचायत की बदहाल स्थिति का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि पूरा क्षेत्र विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि भाकपा जनसमस्याओं को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगी और किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों तथा आम लोगों की आवाज को मजबूती से उठाएगी।
पदयात्रा में जिला नेता बब्लू दूबे, राधामोहन यादव, गंगा वर्मा, तारीक, अंचल सचिव मदन शर्मा, बहादुर महतो, पप्पू, मोज्जमिल, नारायण भगत, आमना खातून, मोहन यादव, एन.डी. तिवारी सहित दर्जनों पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और लोगों को जागरूक करते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया।