बांका:गंगाधाम से बाबाधाम आने वाले कांवरिया के लिए पूर्व के सालों में सबसे कष्ट दायक जगह सुईया पहाड़ माना जाता था। लेकिन सरकारी व्यवस्था से इस रास्ते को भी कांवरिया के लिए सुगम कर दिया गया है। कांवरिया का सुईया पहाड़ी रास्ता सुगम होते ही अब इस पहाड़ी रास्ते को मनोकामना पहाड़ माना जाने लगा है। बीते पांच बरसों से इस पहाड़ पर कांवरिया पत्थर पर पत्थर रख कर अपनी मनोकामना भगवान के समक्ष रखते हैं।यहां मुख्य रूप से अपने घर बनाने की मनोकामना को लेकर पत्थर पर पत्थर रख कर मनौती मांगते हैं। इसी ही मनौती माता वैष्णोदेवी के रास्ते में भी मांगी जाती है।अब यह मनौती पूरी भी होती दिखती है जैसा कुछ कांवरिया बता रहे हैं।इसी सूइयां पहाड़ पर पत्थर रखने वाली गोरखपुर की एक महिला बम शांति देवी कहती है कि तीन बर्ष पूर्व उसने पांच पत्थर रख कर पांच मंजिल भवन की मनौती मांगी तुम वह इस बर्ष तक पूरी हो गई इसलिए वे लगातार तीसरी बार बाबाधाम जा रही हूं।इसी प्रकार पटना के नरेश बम कहते हैं कि उन्होंने अपनी नौकरी के लिए मनौती मांगी थी उसे एक साल में ही अच्छी नौकरी मिल गई।जबकि नेपाल की सुनरी थापा बताती है कि उनके पास घर नहीं था अपनी साथी बम को पत्थर पर पत्थर रख कर घर की मनौती मांगता देख उन्होंने भी दो पत्थर रख दिया सचमुच उनका भी घर दो मंजिल का बन गया । दरभंगा की मालती देवी कहती है कि उनके पोता का हमेशा तबीयत खराब रहता था। यहां पत्थर रख कर ठीक होने की कामना किया। वह दो साल से पूरी तरह ठीक है।
बम की नजर में सूइयां पहाड़ मनौती की जगह बन गया है। पत्थर से पूरी होती मनौती।
byआमोद कुमार दुबे
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