रजौन, बांका :- रजौन थाना क्षेत्र में पिछले कई महीनों से रात के अंधेरे में तालाबों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की मछलियां साफ करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया है। बुधवार की संध्या रजौन थाना परिसर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने पूरे मामले का उद्भेदन किया। उन्होंने बताया कि बांका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष पुलिस टीम ने त्वरित व सटीक कार्रवाई करते हुए पुलिस जिला नवगछिया (भागलपुर) के परबत्ता थाना क्षेत्र में छापेमारी कर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से घटना में प्रयुक्त एक तीन चक्का मालवाहक टेम्पू, 15 फीट लंबा करंट जाल और एक मोबाइल फोन भी विधिवत जब्त किया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में पतसौरी, नरीपा और मुरादपुर समेत कई गांवों में सिलसिलेवार तरीके से मछली चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। बीते 26 सितंबर की रात पत्सौरी में किसान सुबोध चौधरी के तालाब से 3.60 लाख रुपये मूल्य की करीब 30 क्विंटल मछली चोरी होने के बाद स्थानीय मत्स्यपालकों का गुस्सा फूट पड़ा था। इसके बाद पीड़ित किसानों ने रजौन थाने पहुंचकर लिखित आवेदन देकर पुलिस से अज्ञात चोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बांका पुलिस अधीक्षक के दिशा-निर्देश तथा बौंसी-02 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। तकनीकी अनुसंधान और पुख्ता मानवीय सूचना तंत्र के सहारे पुलिस टीम ने 30 सितंबर को नवगछिया के परबत्ता थाना अंतर्गत राघोपुर बहतरा और राघोपुर बिंद टोला में सघन छापेमारी की। रजौन थाना कांड संख्या 306/26 के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सबसे पहले राघोपुर बहतरा निवासी देवो सहनी उर्फ चन्द्रदेव सहनी (30 वर्ष, पिता स्व. भक्ति सहनी) को दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध कबूल किया और उसकी निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य सक्रिय सदस्यों- विनोद महतो (40 वर्ष, पिता स्व. वृक्षलाल महतो, राघोपुर बहतरा) एवं जंग बहादुर महतो (25 वर्ष, पिता चन्दर महतो, राघोपुर बिंद टोला) को भी धर दबोचा गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से मछली चोरी की वारदातों में प्रयुक्त होने वाला तीन चक्का मालवाहक टेम्पू (रजिस्ट्रेशन नंबर BR10GD0174), मछली पकड़ने वाला करीब 15 फीट लंबा करंट जाल और आईटेल कंपनी का एक स्मार्टफोन बरामद किया। प्रेस वार्ता में एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने बताया कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से रात के वक्त मालवाहक टेम्पू लेकर पहुंचता था और करंट जाल डालकर भारी मात्रा में मछलियां निकाल लेता था। स्थानीय संलिप्तता के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्थानीय संपर्कों और मुखबिरों की मदद के बाहरी अपराधियों द्वारा इस तरह की वारदात को अंजाम देना संभव नहीं है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों व कॉल डिटेल्स के जरिए स्थानीय मददगारों को भी चिन्हित करने में जुटी है और जो भी इसमें संलिप्त पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने क्षेत्र के तमाम मत्स्यपालकों से एक खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन लगातार गश्त और निगरानी बढ़ा रहा है, लेकिन किसान व कारोबारी भी अपने स्तर से तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था:- के को लेकर पूरी चौकसी बरतें। उन्होंने मत्स्यपालकों से आग्रह किया कि वे तालाबों पर रात्रि प्रहरी की तैनाती अवश्य रखें और संभव हो सके तो तालाब परिसर को सीसीटीवी कैमरों जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों से लैस करें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत मिल सके और समय रहते अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस सफल उद्भेदन अभियान में रजौन अंचल के पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार, रजौन थानाध्यक्ष अभय शंकर, एसआई शुभम कुमार, विनोद कुमार, बांका डीआईयू प्रभारी मनीष कुमार, डीआईयू एएसआई बच्चन कुमार सहित रजौन थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस की इस त्वरित व ठोस कार्रवाई के बाद इलाके के मत्स्यपालकों ने राहत की सांस ली है।
रिपोर्ट:- के आर राव