रजौन,बांका: फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर और असाध्य बीमारी के समूल खात्मे और माइक्रो फाइलेरिया की पहचान को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा रजौन प्रखंड में 'नाइट ब्लड सर्वे' (Night Blood Survey) अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके तहत प्रखंड के नीमा गांव स्थित काली मंदिर के समीप रंगमंच परिसर में बीते सोमवार की देर रात से विशेष शिविर का आगाज हुआ, जहां पहले ही दिन स्वास्थ्य दल ने 20 वर्ष से अधिक उम्र के कुल 77 ग्रामीणों के रक्त के नमूने एकत्र किए। बीसीएम विष्णुदेव कापरी एवं पीरामल फाउंडेशन के सुमित राजपूत के अनुसार प्रखंड के तीन चयनित गांव- नीमा, पुनसिया और लहोरिया से 300-300 के हिसाब से कुल 900 रक्त नमूने संग्रह करने का लक्ष्य रखा गया है। बीसीएम विष्णुदेव कापरी ने बताया कि प्रति गांव 300 का लक्ष्य हासिल करने के लिए अधिकतम चार दिनों का माइक्रो प्लान बनाया गया है, जिसके तहत जब तक नीमा गांव का लक्ष्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक शिविर जारी रहेगा। इसी क्रम में मंगलवार की रात 10 बजे से भी रंगमंच परिसर में दूसरे दिन का कैंप लगाया जा रहा है, जिसके बाद टीम पुनसिया और लहोरिया में सर्वे का कार्य करेगी। पहले दिन आयोजित शिविर में बीसीएम विष्णुदेव कापरी, सीएचओ कौशल कुमार, सीएचओ आनंद कुमार, जीएनएम पवन कुमार, एएनएम विनीता कुमारी और लैब तकनीशियन (एलटी) राजेश रंजन मुस्तैदी से डटे रहे। अधिकारियों ने बताया कि देर रात लिए गए इन नमूनों की जांच के बाद रिपोर्ट जारी की जाएगी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि फाइलेरिया के परजीवी रात के समय ही मानव रक्त में सक्रिय होते हैं, इसलिए बिना किसी लक्षण वाले लोग भी समय पर शिविर पहुंचकर अपनी जांच जरूर कराएं और समाज को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग दें।
रिपोर्ट:-केआर राव