बेतिया:समाहरणालय स्थित जिला सभागार में जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण (बेतिया) श्री तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) एवं जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (DLCC) की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च 2026) तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (जून 2026) के विभिन्न बैंकिंग मानदंडों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
साख-जमा (CD Ratio) और ऋण वितरण की स्थिति
अग्रणी जिला प्रबंधक श्री राजेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बैठक में जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम तिमाही के अंत तक पश्चिम चम्पारण जिले का साख-जमा अनुपात 86.60% हो गया है। इस अवधि में जिले में कुल जमा राशि 10,003.58 करोड़ रुपये और कुल ऋण 8,663.39 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन बैंकों का साख-जमा अनुपात 60% से नीचे है, वे आरबीआई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इसे तत्काल 60% से ऊपर ले जाने के लिए कदम उठाएं।
वार्षिक साख योजना के तहत प्रथम तिमाही तक 13.65% की उपलब्धि रही और कुल 2,357.05 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने के कारण जिलाधिकारी ने अगले तिमाही तक इसे 50% तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
कृषि, केसीसी (KCC) और सरकारी प्रायोजित योजनाएं
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रथम तिमाही के अंत तक जिले के बैंकों द्वारा 9,136 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) जारी एवं नवीकृत किए गए, जिससे 93.28 करोड़ रुपये का ऋण उपलब्ध कराया गया। वर्तमान में जिले में कुल 140,101 केसीसी खाते संचालित हैं। हालांकि, केसीसी पशुपालन और मत्स्य पालन योजनाओं की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इन क्षेत्रों में विशेष जोर देने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, PMEGP और PMFME जैसी सरकार प्रायोजित योजनाओं के तहत स्वीकृत आवेदनों का भौतिक वितरण यथाशीघ्र कराने को कहा गया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना एवं अन्य निर्देश
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: बैंकों को भेजे गए ऋण आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय-सीमा (TAT) के भीतर करने और अनावश्यक कागजात की मांग न करने का निर्देश दिया गया। इसके साथ ही, आगामी 03.09.2026 को जिले में पीएम सूर्य घर योजना के तहत विशेष ऋण शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसमें कम से कम 300 से अधिक लाभार्थियों को ऋण स्वीकृत कर वितरित किया जाएगा।
बैंकिंग पहुंच और डिजिटल सेवाएं: आरबीआई, पटना के एलडीओ श्री राहुल कुमार ने सभी जिला समन्वयकों को निर्देश दिया कि पश्चिम चंपारण के जिन क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां का सर्वे रिपोर्ट तैयार कर जोनल ऑफिस को भेजा जाए ताकि जल्द बैंकिंग सेवाएं बहाल हो सकें।
साइबर सुरक्षा और वित्तीय साक्षरता: वित्तीय समावेशन और साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए कैंप आयोजित करने तथा साइबर क्राइम से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया। साथ ही, बैंकों को री-केवाईसी (Re-KYC) और डीईएएफ (DEAF) खातों का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक के अंत में अग्रणी जिला प्रबंधक ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान LDO RBI, DDM NABARD, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, उच्च अधिकारी और जिला प्रशासन के तमाम संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।