चम्पारण नीति/मझौलिया/ पश्चिम चम्पारण
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, माधोपुर, पश्चिम चम्पारण में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 157 वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
इस अवसर पर केन्द्र परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी, प्रगतिशील कृषक, साधु-संत, वैज्ञानिक, कार्यालय कर्मी एवं दैनिक श्रमिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ अभिषेक प्रताप सिंह ने महात्मा गांधी जी के जीवन-दर्शन, उनके सत्य, अहिंसा और स्वावलंबन के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमेशा स्वच्छता को सर्वोपरि माना और ग्रामीण विकास एवं कृषि को आत्मनिर्भर भारत की नींव बताया।
उन्होंने उपस्थित किसानों और विद्यार्थियों को गांधी जी के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने और कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान केन्द्र के अन्य वैज्ञानिकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि बापू के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने स्वतंत्रता आंदोलन के समय थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने स्वच्छता की शपथ ली और केन्द्र परिसर में साफ-सफाई कर गांधी जी को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।