महाष्टमी पर उमड़ी मंदिरों में भीड़

बांका: माता दुर्गा का पट खुलते ही महाष्टमी के दिन जहां अहले सुबह से दंड देने की भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी वही डलिया चढ़ाने वाले देर रात तक मंदिरों में आते रहे। अहले सुबह से ही दंड देने वाले भक्त महिला पुरूष औऱ बच्चे की बढ़ती संख्या पूजा समिति के लिए आफत बन गई थी। माना जाता है कि इस मंदिर में मां दुर्गा के सामने दंड देकर अपनी मनौती मांगने से उसकी हर मनौती पूरी होती है। इस दंड देने वालों में कई लोग अपने घरों से दंड देते हैं। जबकि कुछ लोग अन्य मंदिरों से होते हुए दुर्गा मंदिर तक आते हैं। जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं। इतना ही नहीं इस दंडधारी में अधिकतर ऐसे भी लोग होते हैं जिसकी मनौती इसी मंदिर में दंड देने से पूरा हो चुका होता है। दोपहर बाद दंड धारी की संख्या कम होने पर देर रात तक डलिया चढ़ने वाली महिलाओं की भीड़ भी देखी गई। दुर्गा मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दरवाजे बनाए गए थे। लेकिन महिलाओं की संख्या इतनी अधिक होने के कारण उन लोगो द्वारा पुरुषों के दरवाजे से भी महिलाएं प्रवेश कर रही थी। जिसे रोकने में पूजा समिति के सदस्यों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वही दूसरी और पूजा के अवसर पर मेला परिसर सहित अन्य चौक चौराहे पर पुलिस की भारी व्यवस्था की गई है। जिससे कोई अप्रिय घटना पर नजर रखी जा सके।इसके बाबजूद बाजारो में सड़क किनारे दुकान लगाने से जाम की स्थिति दिन भर एक जैसी बनी रही। जिस कारण पुलिस व्यवस्था के साथ कमिटी के सदस्य को काफी मशक्कत के बाद भी सफलता नही मिल सकी।

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