आईये जानते है कैसा हो सकता है अगस्त माह मेष राशि वालो के लिए इन राशि वालो को अगस्त महीने में काफी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। स्वास्थ की बात करें…
आखिर क्या है सच सरकारी दावों का इस बात का अंदाजा कहने के लिए बेतिया की सबसे बड़ी मंडी मिना बाजार के व्यवसायियो की बातों को अगर सच माने तो सरकारी अधि…
आमोद दुबे व्यूरो की रिपोर्ट बांका:(चांदन)जिले के चांदन प्रखंड के बिरनिया पंचायत अंतर्गत गरभुडीह गांव में वन विभाग द्वारा पेड़ लगाने का मामला उस वक्त…
आज के समय मे बागवानी का शौक किसे नही है।आप भी अपनी घरेलू बागवानी में पुदीना को लाह उसके फायदे उठा सकते है।आपको बता दे कि पुदीना के सेवन से भूख भी ब…
दुनिया से अनजान मैं एक किलकारी के साथ आई पापा ने प्यार से जीवन भर हर खुशी लुटाई .. उठे जब नन्हे कदम मेरे ठोकर लगी मुझे मुझसे ही, जख्मों पर महरम ल…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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