रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय व प्रकाशन ब्यूरो, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्ववि द्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 19…
सर्प दंश से वृद्ध की मौत कटोरिया से अरविंद प्रसाद सिंह का रिपोर्ट सुईया थाना क्षेत्र के धनुबसार पंचायत के ताराडीह गांव में बीते रात्रि सर्प दंश से…
" जिगर चाहिए " जिंदगी देनेवाला खुदा, कर्म-आमाल इंसान के हाथ, अच्छे-बुरे में फर्क समझने, इंसानी जिगर चाहिए! सारी सुविधाएं, हो जात-…
(बाबू वीर कुँवर सिंह का फाईल फोटो) पावन त्याग और अतुलित बलिदान की यशोभूमि का नाम है भारत वर्ष। शिशु अजय सिंह के बलिदा…
भोपाल । देश भर में बल्कि कहना होगा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता एवं संचार शिक्षा के लिए ख्यात हो चुका माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार व…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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