मेरे भारत का देशहित, नेता की हथेली का मैल है.. हाथ जोड़ रंग बदलते, जैसे छिपकलियों का खेल है.. पंथ निरपेक्ष बना संविधान, फिर भी लड़वाते हमें जाति-धर्म क…
- प्रो. केजी सुरेश, कुलपति 26 से 28 अक्टूबर 2020 को आयोजित सत्रारंभ कार्यक्रम नवागत विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय का आत्मीय आयो…
(धर्मेंद्र सराफ) बेतिया। मिर्जापुर जंगल की एक जंगली देवी स्थान जो कई दशक से भक्तों का आस्था और भक्ति का केंद्र बना है ।जानकारों के द्वारा बताया जा र…
धारा-107 एवं 144 के तहत कार्रवाई में तेजी लाने का निदेश। बेतिया। जिला निर्वाचन पदाधिकारी, कुंदन कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन की पूरी टीम लोकतंत्र …
बेतिया। भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली की टीम द्वारा आज समाहरणालय सभाकक्ष में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 एवं 1-वाल्मीकिनगर लोकसभा उप निर्वाचन …
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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