क्यों नही है बेतिया सभापति को क्वालिटी से कोई मतलब नहीं ?? (मनीष कुमार /चम्पारण नीति) बेतिया। नगर परिषद दिन - रात शहर के विकास के कार्यो में लगा द…
हत्या कर युवक के शव को खेत मे फेका चम्पारण नीति के लिए बेतिया से मनीष कुमार जोकहॉं गांव निवासी विनोद महतो के पुत्र नवीन कुमार की हत्या कर शव को खेत …
बेतिया बानुछापर वार्ड न.०२, कैलाशपुरी हाजमा टोला का रोड पूरी तरह नाले जैसा हो चुका है। पिछले दिनों बारिश के बाद वहाँ का सड़क ऐसा हो चुका है जहाँ …
चम्पारण नीति बेतिया से मनीष कुमार विहिप के जिलाध्यक्ष नीरज कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा की जिले भर में जघन्य हत्याकांड करने वाले अपराधियों …
चम्पारण नीति के लिए बेतिया से मनीष कुमार क्या मास्क सिर्फ आम आदमी की जरूरत बन कर रह गई है सरकार द्वारा घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना जरूरी है ऐसा …
आईये जानते है कैसा हो सकता है अगस्त माह मेष राशि वालो के लिए इन राशि वालो को अगस्त महीने में काफी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं। स्वास्थ की बात करें…
आज के समय मे बागवानी का शौक किसे नही है।आप भी अपनी घरेलू बागवानी में पुदीना को लाह उसके फायदे उठा सकते है।आपको बता दे कि पुदीना के सेवन से भूख भी ब…
चम्पारण नीती के लिए बेतिया से मनीष कुमार राममंदिर शिलान्यास के पावन मौके पर विहिप के जिलामन्त्री रमण गुप्ता द्वारा बताया गया विहिप जिलाकार्यकरिणी के …
बेतिया बानुछापर थाना क्षेत्र अंतर्गत इलाज के करम मे हुई मौत आशीष कुमार उम्र 18 वर्ष थाना बानुछापर वार्ड नं 13 का निवासी है जोकि बुखार था लिबर में …
बेतिया। 8 जनवरी 2020 को मजदूर संगठनों के द्वारा केन्द्र सरकार के आर्थिक नीतियों, आर्थिक मंदी, मजदूर किसान नीतियों के के खिलाफ देशव्यापी आम…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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