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बांका: बेलहर विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के अंतिम दिन लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान का चुनावी कार्यक्रम अपने उम्मीदवार बेबी देवी उर्फ अर्चना देवी के …
बांका (चांदन):दादा के श्राद्ध कर्म में आए 19 वर्षीय पोते की मौत 10 कर्म के दिन नदी में डूबने से जाने पर परिवार में कोहराम मच गया। घटना बाँका जिले क…
अगर गर्मियों के शाम को यादों में बंधना हो तो कहानी बेहतर होगी क्या ? नहीं मुझे लगता है कि सबसे सटीक रहेगी कविताएं , कच्ची सी कविताएं , जो अक्सर गहरे …
नवागत विद्यार्थियों के आत्मीय प्रबोधन और करियर मार्गदर्शन के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय प्रतिवर्ष सत्रारंभ का…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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