चम्पारणनीति/बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) *कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर के द्वारा श्री अन्न की खेती पर प्रक्षेत्र दिवस का किया गया आयोजन* कृषि व…
चम्पारणनीति/ बेतिया (पश्चिमी चम्पारण) बिहार में गोपालगंज और छपरा जिले के लोग नहीं बल्कि मोतिहारी के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों ने पहली बार स…
चम्पारणनीति/अशोक शास्त्री,बेतिया(पश्चिमी चम्पारण) अब बिहार ही नहीं पूरे देश के बाजार में मुजफ्फरपुर की रंग बिरंगी चूड़ियां अपना रंग बिखरने लगी है। जै…
चम्पारणनीति/ बेतिया(प.च.) देश में नदियों पर गहरा संकट है। 2016 में मैं अन्य साथियों के साथ कोलकाता से गंगोत्री तक की यात्रा की थी। सबकुछ मैंने करीब …
बांका:चांदन प्रखंड के बिना चाहरदीवारी वाले सभी सरकारी विद्यालयों में चाहरदीवारी दिलाने की स्वीकृति मिलने के बाद जिला से ठीकेदार भी आबंटित कर दिया गया…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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