शुक्रिया तेरा ऐ कोरोना, आंखें सब की खोल दिया, जीने के लिए क्या है जरूरी, तूने सबको बता दिया! डॉक्टर मना करते थे, तेल मसाले से परहेज करो, बिखेरा ऐसा ज…
चम्पारण नीति के लिए बेतिया से मनीष कुमार क्या मास्क सिर्फ आम आदमी की जरूरत बन कर रह गई है सरकार द्वारा घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना जरूरी है ऐसा …
आमोद दुबे व्यूरो बांका: चांदन थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 की एक नाबालिक लड़की द्वारा वार्ड नंबर 11 के एक लड़के पर शादी का प्रलोभन देकर यौन शोषण …
आखों में प्रेम, ह्रदय में गंगा आँचल में छुपी ममता की मूरत होती है। हाँ, माँ बस माँ होती है ..। अपनी खुशी न्योंछावर कर वो बच्चों के होटो पर मुस्का…
कई संघर्षो से भरी है एक औरत की कहानी हर मोड़ पर ठोकर मिलती बचपन हो या हो जवानी समाज से लेकर घर तक, भेद - भाव पर निकलता है उसके आँखों से पानी ब…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
Social Plugin