बांका:चांदन प्रखंड मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र जिसे पूरी तरह नक्सल प्रभावित माना जाता है। वह असुठा पंचायत के हरदिया के लोगो को स…
बांका:चांदन प्रखंड भर में चल रहे सर्वे का कार्य किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या लेकर खड़ा है। इस कार्य में किसानों का पूरी तरह आर्थिक दोहन हो रहा है। औ…
बांका: ग्रामीण विकास विभाग बिहार सरकार के सौजन्य से बेरोजगार ग्रामीण युवक एवं युवतियों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जीविका की ओर से चांदन प्रखंड मुख…
बांका: आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी के निर्देश पर चांदन बीडीओ राकेश कुमार, सीओ सुमित कुमार आशीष व थानाध्यक्ष विष्णुदेव कुमार द…
बांका:किसानों में सरकारी दर पर मिलने वाला मकई के बीज का पैकेट चांदन कटोरिया पक्की सड़क के किनारे फेका मिला है। सभी पैकेट में मकई भरा हुआ है। सुबह लोगो…
(संपादक -आदित्य कुमार दुबे)
"चम्पारण नीति " की नीति
सादगी, जबरदस्त जोश और चेहरे पर एक दृढ़ संकल्प लिए। बिना किसी लोभ व लालच अथवा किसी द्वेष के कारण नहीं, बल्कि असहाय , पीड़ितो और अत्याचारों से भरी फरियादों की, जो अनसुनी कर दी जाती है। "चम्पारण नीति " ढ़ाल बन कर उन शोषितों की पीड़ा को सबके समक्ष रखने का कार्य करेगा। निर्भीकता के साथ सरकार और उसके अधिकारियों की आलोचना,जनता की कठिनाईयों की चर्चा करने से कभी पीछे नहीं हटेगा। किसी की प्रशंसा या अप्रशंसा , किसी की प्रसन्नता या अप्रसन्नता, किसी की घुड़की या धमकी , हमें अपने सुमार्ग से विचलित न कर सकेगी । साम्प्रदायिक और व्यक्तिगत झगड़ों से "चम्पारण नीति" सदा अलग रहने की कोशिश करेगा । इसका जन्म किसी विशेष सभा, संस्था, ख्याति या मत के पालन- पोषण, रक्षण या विरोध के लिए नहीं हुआ है, किंतु इसका मत स्वतंत्र विचार और इसका धर्म सत्य होगा । मनुष्य की उन्नति भी सत्य की जोत के साथ होती है । इसीलिए सत्य को दबाना हम महापाप समझेंगे और इसके प्रचार और प्रकाश को महापुण्य!
-: आदित्य कुमार दुबे
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