संस्कारों की छांव: मां की स्मृति में पुत्रों ने किया पौधरोपण, रजौन में पेश की मानवता की मिसाल

रजौन, बांका : रजौन बाजार के प्रतिष्ठित व्यवसायी स्वर्गीय मोदी प्रसाद यादव के परिवार ने अपनी ममतामयी माता को एक ऐसी श्रद्धांजलि दी है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। समाजसेवी व व्यवसायी वीरेंद्र प्रसाद उर्फ विंदेश्वरी यादव की धर्मपत्नी रानी देवी के श्राद्ध कर्म के अंतिम दिन उनके पुत्रों ने प्रकृति और परंपरा का अनूठा समन्वय पेश किया। विगत 30 मार्च की देर रात्रि करीब 61 वर्ष की आयु में रानी देवी का निधन हो गया था। वे अपने पीछे संस्कारों और सेवा भाव की एक बड़ी विरासत छोड़ गई हैं। अपनी धर्मपरायण मां के प्रति सच्ची श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके पुत्र राजकपूर और प्रो. रूपेश कुमार उर्फ बिट्टू ने श्राद्ध कर्म के समापन पर पंडित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दो फलदार आम का पौधा रोपित किया। इस भावुक क्षण के साक्षी बने परिजनों और गणमान्य लोगों के बीच पुत्रों ने यह संदेश दिया कि मां की ममता और वृक्ष की छाया दोनों ही निस्वार्थ होती हैं। जैसे मां जीवनभर अपनी संतान को संबल देती है, वैसे ही यह वृक्ष भी बड़ा होकर फल और छाया के माध्यम से समाज की सेवा करेगा। ​इस पुनीत कार्य के दौरान शोक संतप्त परिवार के बड़े सदस्य सिकंदर प्रसाद यादव, सूर्यनारायण यादव, सहदेव यादव के अलावे मनोज क्रांति, संजय कुमार, अजय कुमार, मुकेश विक्रांत, सुनील, अनिल, नीलेश, राकेश, मिथिलेश, राहुल और रोहित सहित परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थित प्रबुद्धजनों ने परिवार की इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि मृत्यु के पश्चात स्मृति में वृक्ष लगाना न केवल पर्यावरण के लिए सुखद है, बल्कि यह दिवंगत आत्मा के प्रति सबसे जीवंत और स्थायी श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नम आंखों से अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की।

रिपोर्ट :- केआर राव 

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