रजौन, (बांका):रजौन के आजमतुल्ला गांव में डायरिया से दो की मौत, दर्जनों चपेट में प्रखंड क्षेत्र के राजावर पंचायत केरजौन के आजमतुल्ला गांव में डायरिया से दो की मौत, दर्जनों चपेट में महादलित अति पिछड़ा आजमतुल्ला गांव में डायरिया का प्रकोप रहने की वजह से गांव के 2 लोगों की मौत हो जाने की खबर है। वहीं गांव के करीब दो दर्जन ग्रामीण भीषण डायरिया के प्रकोप से जीवन मौत से जूझ रहा है। पूरे गांव में डायरिया के कहर से हड़कंप मचा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आजमतुल्ला गांव में भीषण डायरिया के प्रकोप की वजह से गांव के 50 वर्षीय पप्पू दास की मौत इलाज के क्रम में बांका सदर अस्पताल में विजयादशमी 15 अक्टूबर को हो जाने की खबर है। वहीं गांव के ही पीयूष कुमार (5 वर्ष) की मौत 14 अक्टूबर प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के क्रम में ही हो जाने की खबर है। बताया जा रहा है 70 घर की आबादी वाले महादलित अति पिछड़ा गांव में नल-जल गली-नली आदि समस्याओं से अब तक ग्रसित रहने की वजह से गांव के लोग दूषित पानी के साथ-साथ गली नली की साफ-सफाई, दुर्गंधता आदि की वजह से गांव के लोग इस भीषण धूप एवं उमस भरी गर्मी के के कारण गांव में डायरिया का प्रकोप फैला हुआ है। डायरिया के कारण रवि किशन कुमार (6 वर्ष), डोली कुमारी (14 वर्ष), का इलाज 15 अक्टूबर सिंह रजाउंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। डायरिया का प्रकोप थमने का नाम नहीं लेने की वजह से 16 अक्टूबर को निकिता कुमारी (6 वर्ष), रोशन कुमार (ढाई वर्ष), रिया कुमारी (4 वर्ष) एवं लक्ष्मी कुमारी (डेढ़ वर्ष) डायरिया के चपेट में आने से रजौन सीएचसी में भर्ती होकर इलाजरत है। डायरिया के रोकथाम को लेकर सीएचसी प्रभारी डॉ ब्रजेश कुमार ने मेडिकल टीम का गठन कर शनिवार से डॉक्टर अमित कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक राजेश रंजन, सफाई कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी एवं एएनएम पहुंचकर गांव में आवश्यकतानुसार ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, गंदगियों की साफ-सफाई करवाते हुए आवश्यक मात्रा में ओआरएस घोल एवं दवाइयां आदि का वितरण किया है। मेडिकल टीम गांव पहुंच कर ग्रामीणों को गर्म पानी पीने, शुद्ध एवं ताजा गर्म भोजन ग्रहण करने, घर के इर्द-गिर्द की साफ-सफाई व्यापक पैमाने पर कराने, कीचड़ युक्त गंदगियों को निकाल बाहर फेंकने के लिए कहा गया है। सीएचसी प्रभारी डॉक्टर ब्रजेश कुमार ने बताया कि पप्पू दास की स्थिति नाजुक रहने की A वजह से बांका रेफर कर दिया गया था। गांव में लगातार मेडिकल टीम भेजकर आवश्यक दिशा निर्देश के साथ साथ दवाइयां आदि का वितरण करवाया जा रहा है। गांव में भीषण डायरिया प्रकोप की वजह से गांव में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
रिपोर्ट: केआर राव